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J P Raghuwanshi

Inspirational

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J P Raghuwanshi

Inspirational

हिन्दी

हिन्दी

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देवनागरी लिपी हमारी।

वेदों की बेटी है हिन्दी।

भारत मां के शुभ्र भाल पर।

जैसे चमक रही है बिन्दी।


इसका हैं समृद्ध व्याकरण।

परंपरा वैभवशाली।

छप्पन भोग सजे हो जिसमें।

ऐसी भोजन की थाली।


बुंदेली सी इसकी बोली।

सुंदर,मधुर है मनभावन।

गांव-गांव में गीत बने हैं।

चाहे होली या सावन।


आओं हम प्रचार करेंगे।

माध्यम सबका बने हिंदी।

मातृभाषा का मान बढ़ावे।

बने सबकी,पहचान हिंदी।


देवनागरी लिपि हमारी।

वेदों की बेटी है हिंदी।

भारत मां के शुभ्र भाल पर।

जैसे चमक रही हैं बिंदी।।


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