STORYMIRROR

Shashi Aswal

Abstract

4  

Shashi Aswal

Abstract

हिंदी पर गर्व

हिंदी पर गर्व

1 min
308

जब हिंदी है देश की आन

तो क्यूँ नहीं देश की शान 


जब भारतीय होना है अभिमान 

तो हिंदी बोलने में क्यूँ नहीं मान 


जब दिल-खोलकर यहाँ का खाना है खाते 

तो क्यूँ नहीं हिंदी भाषा को दिल से अपनाते 


जब यहाँ के त्यौहार में घुल-मिल है जाते 

तो क्यूँ नहीं हिंदी को बोली में है शामिल करते 


जब हर साल है बनाते इसका पर्व 

तो क्यूँ नहीं करते हिंदी पर गर्व।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract