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Triveni Mishra

Abstract

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Triveni Mishra

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हिन्दी हमारी शान है

हिन्दी हमारी शान है

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हिन्दी हमारी शान है

भाषा यह हिन्द की न्यारी

जन-जन.को है प्यारी

राष्ट्रभाषा हमारी।


हिन्दी से विकास हमारा

ये है हिन्दुस्तान का तारा।

भारत ने हिन्दी संवारा,

बोली यह भारत का सहारा।


संस्कृति हुई सुसंस्कृत,

संस्कार हुए झंकृत।

भारती हुए  जाग्रत,

हिन्दी में है पारंगत।

विश्वास है सारा,

हिन्दी से विकास हमारा।


शिरोधार्य है हिन्दी,

वाचस्पति है भाषा।

मर्मस्पर्शी बोली,

वर्णों से बनी माला,

दुनिया को एकता,

 में पिरो डाला।

हिन्द का है नारा,

हिन्दी से विकास हमारा।


है अमूल्य धरोहर,

विरासत में मिली हमको,

नव रस मिले जिसमें,

छन्द मिले हमको,

आर्दश विचारधारा,

हिन्दी से विकास हमारा।


साहित्यकारों की आशा,

साहित्य की परिभाषा।

विज्ञान का ज्ञान हमको,

विषय का ध्यान हमको,

शून्य से बने हजारा,

हिन्दी से विकास हमारा,

ये है हिन्द का तारा,

भारत ने हिन्दी संवारा।


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