STORYMIRROR

Triveni Mishra

Others

3  

Triveni Mishra

Others

Untitled

Untitled

1 min
11

कुंडलियॉं
नैना
जन के नैना में दिखें, मन के सारे भेद।
रहस्य गहरा देखिए, समझ कर होय खेद।। समझ कर होय खेद, लगे मुॅंख सुंदर प्यारा। दिल में है कुछ और, बनावटी रूप सारा ।। जया करें पहचान, कोकिला,कौआ,मैना।
भू में जन घूमते, छुपा कर अपने नैना।।

श्रीमती त्रिवेणी मिश्रा जया जिला-डिंडौरी मध्यप्रदेश


Rate this content
Log in