STORYMIRROR

बिमल तिवारी "आत्मबोध"

Inspirational

4  

बिमल तिवारी "आत्मबोध"

Inspirational

हिंदी हिंदुस्तान और हम

हिंदी हिंदुस्तान और हम

1 min
61

हिंदी हिंदुस्तान की है बोली और पहिचान

जिसमें जी और बढ़ रहा है सारा हिंदुस्तान

हिंदी पर ही नाज़ हमारा सारा अभिमान

हिंदी की अभिवादन से बढ़ रहा स्वाभिमान


हमनें देखा हिंदी को अब देश के कोने कोने में

गर्व सभी अब कर रहा है खुद को हिंदी होने में

हिंदी में ही हिंदुस्तान की हरियाली मुस्कान है

हिंदुस्तान की बोली करता सपने पूरी होने में


हिंदी की गोदी में जन्में ख़ुसरो और रसखान

हिंदी में ही जनम के हुए रहीम कबीर महान

सुर जायसी मीरा तुलसी हिंदी की आंगन के फूल

हिंदी की ख़ातिर ना जाने ,हुए कितने बलिदान


पर्वतराज हिमालय भी हिंदी का अभिवादन करता

गंगा जमुना की तीरों का हिंदी ही अभिनन्दन करता

काश्मीर से केरल तक हिंदी है फैली विविध रूप में

हिंद महासागर भी अपने हिंदी का ही बंदन करता


सबकों अपने साथ लिए हिंदी चलती है पथ पर

फ़तह करें सब चाँद सितारें हिंदी का ही चरण छूकर

हिंदी बोले हिंदी सुनें हिंदी जाने तन मन से

हिंदी से भक्ति मुक्ति है, दुनियाँ देखें इसमें जीकर


हिंदी हिंदुस्तान की भाषा नही रियासत है

हिंदी हिंदुस्तान की विकास और सियासत है

हिंदुस्तान का जर्रा जर्रा महक रहा है हिंदी से

हिंदी हिंदुस्तान की संस्कृति और विरासत है ।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational