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Sri Sri Mishra

Inspirational

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Sri Sri Mishra

Inspirational

हिंदी हैं हम

हिंदी हैं हम

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है जो अजय कालजयी अमृत सी भाषा..

है वो संस्कृति हमारी अमिट जीवन की परिभाषा....

अनुपस्थिति में जिसके हिंद भी थम जाए..

शून्य हो जाए धरती यमुना गंगा की धारा पलट जाए..

वतन यह मेरा है.. ये मेरी जान.. मेरा हिंदुस्तान..

है ये हमारे अस्तित्व की अमर अजर पहचान..

निर्झर बहता प्रेम का सरोवर धार अविरल है..

ओजस्वी, अनूठी, मिशरी सी भाषा कितनी सरल है..!!!

तुलसी, कबीर,सूर,मीरा और साहित्य इसमें है बसता...

समय-समय पर दिव्य लेखनी से ईश्वर जिसको है लिखता....

शुद्ध वर्तनी शब्द व्याकरण है यह शुद्ध आचरण आस्था..

अनूठी प्रेमचंद्र की भाषा शैली की है सुंदर यहांँ पराकाष्ठा...

वर्ण,शब्द, स्वर, व्यंजन हैं गुँथे चंदन सी माला में..

किंतु अब द्रोपदी संग खड़ी अंग्रेजी जैसे कौरव काला में..

मातृभाषा जैसे है जुड़ती मैत्री पावन वह सांकल में..

वरदहस्त है बागेश्वरी चंद्र सी माथे पर...

और चक्षुओं का काजल आँजल है...



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