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Ruchika Rai

Abstract

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Ruchika Rai

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हीरो

हीरो

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जो बस दिखावे के बनते हैं हीरो,

आगे जाकर हो जाते हैं वो जीरो,

स्वयं सम्भल कर चलो जीवन पथ पर,

खुद ही संभलो अगर कभी तुम गिरो।


अपने जीवन में हीरो स्वयं बनो तुम,

मुश्किलों का भी हल स्वयं ढूंढो तुम,

तुम अपनी क्षमता से परिचित हो लो,

असम्भव को संभव स्वयं करो तुम।


हीरो वही जो बिगड़ी बाजी पल दे,

जो हमारे आत्मविश्वास को बल दे,

तुम भी अपनी पहचान स्वयं बनाओ,

तुम्हारे ही नाम से हर प्रश्न का हल दे।


हीरो सिर्फ किताबों में नहीं मिलते हैं,

हीरो सिर्फ कहानियों में नहीं गढ़ते हैं,

असली हीरो तो जीवन के धूप छाँव का,

बखूबी सामना कर सदा आगे बढ़ते हैं।


हीरो नेता या कोई अभिनेता नहीं है,

हीरो बन कोई यूँ ही मदद देता नहीं है,

अपनी पहचान स्वयं ही तुम बनाओ,

हीरो बन समाज को नया नजरिया दे जाओ।



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