हे मानव तू महान कार्य कर और अमर हो जा
हे मानव तू महान कार्य कर और अमर हो जा
हे मानव
मेरी तुझसे यह एक गुजारिश है कि
तू अपने जीवन में कोई ऐसा कार्य कर
कि तेरे न रहने पर
तुझे उस कार्य के योगदान के
सन्दर्भ में याद किया जाये
तेरा धन्यवाद किया जाये
तुझे कोटि-कोटि प्रणाम किया जाये
तू महान बनने के प्रति प्रयत्नशील रह
यह कोशिश तेरी जो जारी रही तो
बहुत नहीं तो कुछ तो हाथ में आयेगा
तेरा ध्यान कहीं केन्द्रित तो होगा
तू कहीं बीच रास्ते अपनी मंजिल से
भटकेगा तो नहीं
तेरा पांव ठोस जमीन पर चलते-चलते
कहीं फिसलेगा तो नहीं
तू अच्छा सुन
अच्छा देख
अच्छा बोल
शुद्ध विचार मन में ला
एक सादा जीवन जीने का प्रयास
कर
तू सबसे पहले एक सामान्य मनुष्य
बनने का ही प्रयास कर
यह कार्य सबसे कठिन है
महलों में रहना आसान है
महलों के वैभव या ऐशो आराम
में पलने से पहले
सड़क पर बनी एक झोपड़ी में रह
एक कच्चे मकान में रह
एक पेड़ के नीचे जमीन पर लेटकर
रात बिता
तू जीवन का सही अर्थ
समझने की जिज्ञासा अपने मन
में जगा
तू दुनिया के भंवर में मत
फंस
तू पानी में छलांग लगा और
अपने हाथ पैर इधर-उधर
पटककर तैरना सीख और
पानी की धाराओं के पार जाना
सीख
किनारे पर पहुंचने और
सुस्ताने से पहले
एक नौका सा पानी की सतह पर
तैरना सीख
जमीन से फिर आसमान की
तरफ देख
आसमान के चांद को भी फिर
जमीन पर उतारना सीख
तू एक प्रण ले कि
मुझे महान बनना है और
मानव की,
इस संसार के
हर प्राणी की
सेवा करनी है
तू प्रभु से यह वरदान ले कि
तुझे वह रोशनी से भरा एक मार्ग
दिखाये
तू इस सृष्टि के कण-कण को
खुद में समाहित कर
तू ईश्वर के चरणों में खुद को
सौंप दे और
सच्चे मन से ध्यान कर
तू जीवन के एक सही मार्ग को चुन
उसपर चल
एक महान सपना देख
एक सुंदर मंजिल की तरफ
कदम बढ़ाता रह
तू अपने भीतर निहित शक्ति को
पहचान
तू अपना जीवन व्यर्थ
मत कर
उसे किसी नेक और महान
कार्य की प्राप्ति में लगा
तू फल की इच्छा मत कर
कर्म किये जा वह भी
महान और एक महान
व्यक्ति बन और
हमेशा के लिए मरणोपरांत
अमर हो जा।
