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अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

Abstract Tragedy

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अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

Abstract Tragedy

हार

हार

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नैनन से मत मारी गयी,

औरन से वह ब्हाई गयी,


ऐसी बनी चाहत नहीं,

जो गैरन से शह हार गयी।


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