STORYMIRROR

Sangeeta Aggarwal

Inspirational

4  

Sangeeta Aggarwal

Inspirational

हाँ मैं ऐसी हूँ

हाँ मैं ऐसी हूँ

1 min
209

हाँ मैं बिल्कुल ऐसी हूँ

मैं अब जैसे को तैसी हूँ

नही माफ़ कर पाती अब

जो दिल दुःखाते हैंं

सामने मीठा बोल के

पीठ मे खंजर घुसाते हैंं

कहने को मेरे अपने हैं मगर

मेरे दुश्मनों का वो फर्ज निभाते हैं

रो के सुनते हैं दर्द मेरे

हँस के महफ़िल मे फिर उड़ाते हैं

ऐसे लोगो को जवाब देना सीख गई हूँ

हाँ मैं भी अपने लिए जीना सीख गई हूँ

अब किसी की बात दिल नही दुखाती

अब मैं अकेले मे आँसू नहीं बहाती

कौन अपना कौन पराया

ये अब जान गई हूँ मैं

रिश्ते जो कहने के हैंं

उन्हें पहचान गई हूँ मैं

खुश हूँ मैं अब अपनों को

खुश मैं रखती हूँ

मतलब के रिश्तों को

दूर से अब सलाम मै करती हूँ!



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational