STORYMIRROR

Anita Bhatnagar

Abstract Others

4  

Anita Bhatnagar

Abstract Others

हाइकु - मोर/मयूर

हाइकु - मोर/मयूर

1 min
305

देख मयूर

अनुपम सौंदर्य

मन बावरा।


विश्व सौंदर्य

प्रकृति हो रमणी

नाचे मयूर।


सुंदर पंख

नागराज भी डरे

निराला मोर।


मन हर्षाता

पंख फैलाए मोर

जो इठलाता।


काला बादल

नर्तकप्रिय मोर

मन को भाता।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract