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Prasad Rajan Kr

Tragedy

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Prasad Rajan Kr

Tragedy

गवाही इतिहास की

गवाही इतिहास की

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बीते वक़्त की घटनाओं का,

बायस्कोप ही तो है इतिहास,

सच्चाई क्या थी, झूठ है क्या,

ये कब बतलाता है इतिहास!


जीतनेवाले ने जीती थी जंग,

कि हारनेवाला गया था हार,

किसने खाई थी सीने पर गोली,

किसने किया था पीठ पर वार?


है आज़ाद आज यह देश मगर,

आजादी के हैं कितने इतिहास,

लिखनेवालों की किस्सागोई में,

यह देश करे किस पर विश्वास?


कल खून गिरा जिस मिट्टी पर,

उग आई है देखो उसपर घास,

सींचकर बगिया के पौधों को,

माली लिख गया नया इतिहास!


बिसर गई हैं जो कल की बातें,

बुदबुदा रहे बुजुर्गों के निःश्वास,

खंडहरों पर उग रही प्रतिमाएं,

अतीत के पुनर्लेखन का प्रयास!


कैसे बता पायेंगी हुतात्माताएं,

अपने भोगे सत्य के अहसास,

बनाकर सूखे रक्त की रोशनाई,

विजेता ने लिखवाया इतिहास!


निषेचित भविष्य का गर्भाशय,

वर्तमान का प्रयोग या विलास,

मानवता के वध के षडयंत्र का,

किस मुँह देगा गवाही इतिहास! 

 


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