गुरु बिन मिले न ज्ञान
गुरु बिन मिले न ज्ञान
बलिहारी हैं गुरु यहाँ,गुरु बिन मिले न ज्ञान।
गुरु मिल जाते हैं निकट,जब भी लाएं ध्यान।।
सर्वोपरि हैं गुरु यहाँ, गुरु बिन मिले न ज्ञान।
गुरु छात्र की परम्परा, है समाज की जान।।
