गणतंत्र दिवस परेड की साक्षी
गणतंत्र दिवस परेड की साक्षी
कितना बदल गया मेरा भारत ,ये देख मैं बड़ा हैरान हुआ ,जब विदेश से लौट कर्तव्यपथ पर ,गणतंत्र दिवस परेड के प्रत्यक्ष हुआ |
राष्ट्रगान और 21 तोपों की सलामी से ये शुरू हुआ ,प्रधानमंत्री ने मिस्त्र के राष्ट्रपति का स्वागत किया ,फिर देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी ,और बहादुर बच्चों को भी ढेरों आसीसे दीं |
जहाँ एक ओर देश की आन-बान और शान दिखी ,सैन्य शक्ति , एकता-अखंडता की खूब झलक दिखी ,वहीं 17 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की झांकियों के साथ ,मंत्रालय से 6 और रक्षा मंत्रालय से 4 झांकियाँ भी दिखीं |
हमारी सैन्य क्षमता का भी हुआ प्रदर्शन ,ब्रह्मोस मिसाइल, सारथ कैरियर, K-9 वज्र ने मोह लिया मन , भारतीय सेना का 'अर्जुन एमके-1' टैंक जैसे ही आया ,इस स्वदेशी टैंक से भारत के दुश्मन का जी घबराया |
जल ,वायु और थल सेना ने अपना ऑफिशियल बैंड बजाया ,और राष्ट्रपति ने इन सभी को सलामी दे इनका मान बढ़ाया ,सीमा सुरक्षा बल के जवान ने ऊँटों पर करी सवारी ,स्कूली बच्चे भी करके आये अपने करतबों की तैयारी |
मोटर साइकल्स पर झंडा लहराते हुए ,अंत में भारत की वायु सेना के जेट्स आये ,फिर आसमान में हैलीकॉप्टर्स ने तिरंगे रँग के ,इस भव्य आयोजन के समापन में गुब्बारे उड़ाये |
जाते - जाते इस भारत से ,मुझे अंत तक यही एक खुशी रही ,कि वतन लौट के गणतंत्र दिवस परेड की ,मैं भी आज एक अनोखी साक्षी बनी ||
