STORYMIRROR

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Inspirational Others

4  

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Inspirational Others

गीत : मैं ख्वाब बेचता आया हूं

गीत : मैं ख्वाब बेचता आया हूं

1 min
341

सुनो, मैं नेता हूं, मैं ख्वाब बेचता आया हूं वोटों का सौदागर हूं, बेहिसाब बेचता आया हूं । 


मैंने कभी गरीबी हटाने का ख्वाब बेचा था 

बड़ा सुंदर ख्वाब था इसलिए कई बार बेचा था 

उसी ख्वाब ने मुझे बार बार कुर्सी दिलवाई थी 

गरीब लोगों ने जोश जोश में की मेरी वाहवाही थी 

इस बार रोजगार का ख्वाब लेकर मैदान में आया हूं 

सुनो, मैं नेता हूं, मैं ख्वाब बेचता आया हूं। 


एक बार सेकुलरिज्म का ख्वाब बेचा था 

समाजवाद वाला ख्वाब मुफ्त में भेजा था 

इस ख्वाब के जरिये घोर षड्यंत्र किया था 

वोटों की खातिर एक समुदाय का तुष्टीकरण किया था 

समाजवाद के नाम पर लोगों को लड़ाता आया हूं 

सुनो, मैं नेता हूं, मैं ख्वाब बेचता आया हूं। 

 

आजकल कट्टर ईमानदारी का ख्वाब बिक रहा है 

मुफ्त में देने का लॉलीपॉप लाजवाब बिक रहा है 

झूठ मक्कारी की दुकानें खुलती जा रही हैं 

जेल में बैठकर ही सरकारें चलाई जा रही है 

नई राजनीति करने का ख्वाब लेकर भरमाने आया हूं 

सुनो, मैं नेता हूं, मैं ख्वाब बेचता आया हूं । 

वोटों का सौदागर हूं, बेहिसाब बेचता आया हूं 

सुनो, मैं नेता हूं, ख्वाब बेचता आया हूं । । 


श्री हरि 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational