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V. Aaradhyaa

Inspirational

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V. Aaradhyaa

Inspirational

गौरैया प्यारी

गौरैया प्यारी

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आंगन में जो फुदकती है,

वही गौरैया कहलाती है।

बच्चे होते जिसे देखकर खुश,

वही चींचीं गौरैया होती है।


छज्जा फोटो फ्रेम के पीछे,

जंगला दरीचा और घर में,

बरामदा और रोशनदान में,

बसेरा उसका होता है।


होती है जब ये घर में,

कोई संकट नहीं है आता।

जाती है जब घर से तो,

कोई न कोई संकट आता।


सुबह सुबह चींचीं कर ये,

गृहणियों को है जगाती।

कुछ दाना मिल जाने पर,

चुग कर फुर्र से है उड़ जाती। 


इनका चींचीं शुभ होता है,

जगह दें हम घर में अपने,

इनके लिए हम पेड़ लगाए,

पूरे होंगे हम सबके सपने।


गौरैया का संरक्षण करना है,

इनको हमें दाना पानी देना है,

रहेगी जब गौरैया सुरक्षित,

तब पर्यावरण रहेगा सुरक्षित।

दोनों सुरक्षित हम भी सुरक्षित।



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