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Sagar Likhar

Romance

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Sagar Likhar

Romance

For Propose Day

For Propose Day

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50

जाने कितने दिनों से

 तेरी हर बात अपने दिल में समाये बैठा हूँ

 अब  बस जिंदगी में एक ख्वाहिश लिए बैठा हूँ

 की मेरी एक बात

 तू अपने दिल में समां ले 

आज वो बात कहने का दिन आया है 

आज मेरे दिल को सुकून मिल जाये 

या फिर दिल के टुकड़े-टुकड़े हो जाये



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