Sagar Likhar
Romance
तू जो मुझे यूँ दिखे,
जैसे की मुझे लग जाये कोई रोग
तू जो मुझे न दिखे,
जैसे की उस रोग की दवा
लेकिन अब ऐसा क्यूँ लगता है कि,
सिर्फ रोग लग जाये
और उसकी दवा,
ज़िन्दगी भर ना मिले।
मंजिल
पहले प्यार का...
बचपन-बुढ़ापा
रूठना
For Propose D...
लव टाइम
जा सनम आज से हमने तुम्हें मनाना छोड़ दिया। जा सनम आज से हमने तुम्हें मनाना छोड़ दिया।
तेरे हुस्न तग़ाफ़ुल के मैं सौ बार सदके सुर्ख होते हुए इन लबों रुखसार पर सदके। तेरे हुस्न तग़ाफ़ुल के मैं सौ बार सदके सुर्ख होते हुए इन लबों रुखसार पर सदके।
प्रीत के रंग में रंग जा बेदर्दी कोरी चुनरिया धानी! प्रीत के रंग में रंग जा बेदर्दी कोरी चुनरिया धानी!
मैं लौट आता हूँ तुम्हारे पास और खो जाता हूँ तुममें। मैं लौट आता हूँ तुम्हारे पास और खो जाता हूँ तुममें।
साजन की अब शामत आई होने वाली थी अब पिटाई! साजन की अब शामत आई होने वाली थी अब पिटाई!
दूरियों की सीलन हटे और प्रेम का संचार हो। दूरियों की सीलन हटे और प्रेम का संचार हो।
तेरे बिन मेरी रातों में। महका देती है तन मन घुल के मेरी साँसों में। तेरे बिन मेरी रातों में। महका देती है तन मन घुल के मेरी साँसों में।
तेरे चेहरे पे लटके लटों को हल्के से हटाने की ख्वाहिश। तेरे चेहरे पे लटके लटों को हल्के से हटाने की ख्वाहिश।
इश्क़ है वो लम्हा जो टल जाये इक पल में ठहरते सफर का वो एहसास है इश्क़ ! इश्क़ है वो लम्हा जो टल जाये इक पल में ठहरते सफर का वो एहसास है इश्क़ !
बाँहों के बंधन में मचल उठती थी ज़िन्दगी, बिन हमसफ़र अधूरी है ज़िन्दगी, बाँहों के बंधन में मचल उठती थी ज़िन्दगी, बिन हमसफ़र अधूरी है ज़िन्दगी,
कभी प्यार और इकरार करती हैं कभी इजहार तो इनकार करती हैं कभी प्यार और इकरार करती हैं कभी इजहार तो इनकार करती हैं
आज था "रोज डे" और वो मेरी ओर, एक असली गुलाब बढ़ा रहा था। आज था "रोज डे" और वो मेरी ओर, एक असली गुलाब बढ़ा रहा था।
मेरी सांसो में अब भी ख़ुशबू हैं, कैसे होती है मोहब्बत सिखाई उसने! मेरी सांसो में अब भी ख़ुशबू हैं, कैसे होती है मोहब्बत सिखाई उसने!
कभी कभी लगता है रूह हूँ मैं और शरीर हो तुम! कभी कभी लगता है रूह हूँ मैं और शरीर हो तुम!
सुना था परमात्मा की कहानियां देवत्व की कथाएँ और देख रहे हैं सबको बदलते हुये। सुना था परमात्मा की कहानियां देवत्व की कथाएँ और देख रहे हैं सबको बदलते ...
मेरी चाहत की मुखर जिह्वा तुम्हारे सम्मुख आते ही गूंगी हो जाती है। मेरी चाहत की मुखर जिह्वा तुम्हारे सम्मुख आते ही गूंगी हो जाती है।
रंग चढे तो उतरे नाहीं मै हो जाऊँ राधेश्याम! रंग चढे तो उतरे नाहीं मै हो जाऊँ राधेश्याम!
शब्दों में नहीं महज़ आंखें से बतियाता हूं। शब्दों में नहीं महज़ आंखें से बतियाता हूं।
नागिन जैसी चाल मुझे बहुत रिझाती है नागिन जैसी चाल मुझे बहुत रिझाती है
लेकर आना हर रंगों की सुरभित सी सुरीली तान सपनों में ही ठहर गए हो रुबरु भी मिल जाना ! लेकर आना हर रंगों की सुरभित सी सुरीली तान सपनों में ही ठहर गए हो रुबरु भी मि...