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Sagar Likhar

Tragedy

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Sagar Likhar

Tragedy

बचपन-बुढ़ापा

बचपन-बुढ़ापा

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बचपन में जब, हाथ-पाव काम नहीं करते हैं  

तब न जाने कितने , अपने और पराये सहारे मिलते हैं  

लेकिन 

बुढ़ापे में जब , हाथ-पाव काम नहीं करते हैं  

तब न जाने क्यू , अपने सहारे भी मुश्किल से मिलते हैं  

क्यू कि  

पौधे को सब कोई पसंद करते हैं  

लेकिन मुरझाये झाड़ को कोई पसंद नहीं करता। 


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