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मिली साहा

Abstract

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मिली साहा

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एलियन

एलियन

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दूर सन्नाटे में दिखे जब एक तीव्र और अद्भुत प्रकाश,

लोगों को होता इसी में, एलियंस के होने का आभास।

दुनिया भर में एलियंस को लेकर बड़ी बहस है छाई,

दावा करने वाले हैं बहुत पर ना जाने क्या है सच्चाई।


परग्रही उस जीव का क्या ब्रह्मांड में है कोई अस्तित्व,

गर है तो क्या खाते क्या पहनते कैसा होगा व्यक्तित्व।

क्यों आते हैं धरती पर, उड़नतश्तरी में होकर सवार,

क्या रहस्य छुपा है इसमें, करने आते दोस्ती या वार।


अनगिनत सवाल मन में, बादलों से उमड़ते-घुमड़ते,

अजीबोगरीब दिखने वाले वो प्राणी कहांँ से हैं आते।

ब्रह्मांड में अपनी मौजूदगी सदैव करते वो प्रकाशित,

अनेक कहानियांँ एलियंस की, कर देती है अचंभित।


कोई कहता एलियंस करता है, लोगों का अपहरण,

ले जाता वहांँ, जहाँ एक अलग दुनिया का आवरण।

कोई कहे एलियन धरती पे हमले की कर रहे तैयारी,

गुप्त रूप से आते धरा पे, प्राप्त करने हेतु जानकारी।


शायद किसी ग्रह पर, बसी होगी इनकी भी सभ्यता,

हो सकते हम जैसे भी या रूप होगा कुछ अलग सा।

कैसे दिखते हैं एलियंस आख़िर, कोई नहीं जानता,

कल्पना में ही सबने दे रखी है उसको एक रूपरेखा।


लंबी खोपड़ी बड़ी आंँखें, जिससे निकलता प्रकाश,

हमारी सोच से कमजोर हैं, या हैं कुछ ज्यादा ख़ास।

अरबों तारों में से किसी एक में होगी इनकी दुनिया,

विज्ञान भी अबतक जान न पाया कहांँ इनका जहांँ।


खैर एलियन का तो अर्थ ही है, दूसरे ग्रह का वासी,

दिमागी कसरत करा देते, जो हमारी अच्छी खासी।


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