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Fanindra Bhardwaj

Romance

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Fanindra Bhardwaj

Romance

एक उम्मीद एक विस्वास

एक उम्मीद एक विस्वास

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एक उम्मीद  एक विस्वास 

एक एहसास हो तुम 

तुम्हें कैसे बताऊँ कितने ख़ास हो तुम 

हो बेशक बड़ी दूर इन निगाहों से मग़र 


दिल के बेहद पास हो तुम 

मैं ढूँढता रहा जिस ख़ुशी को अरसों

मेरी मुद्दतों पुरानी वो एक तलाश हो तुम 

दिल तड़पता है  अक्सर पाने को जिसे 


इस तड़पते दिल की वो एक आस हो तुम 

मचलती हैं धड़कने वो  जिसकी ख़ातिर

हैं बेचैन ये निगाहें भी  जिसकी ख़ातिर

वो मेरी इकलौती प्यास हो तुम 


 हूँ ये ख़ुश जो मैं बेपनाह बेवजह

इस ख़ुशी की वजह और अहसास हो तुम 

ये तो नामुमकिन है की तुम्हें छोड़ दूँ 

क्योंकि धड़कन तो हो ही मेरी सांस हो तुम। 


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