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Sumit. Malhotra

Abstract Romance Action

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Sumit. Malhotra

Abstract Romance Action

एक तरफ़ा इश्क़

एक तरफ़ा इश्क़

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मासूम नादान दिल तुम्हारा गुनेहगार, 

जो कर बैठा तुमसे एक तरफ़ा इश्क़। 


जन्म-जन्म का अपना पवित्र रिश्ता, 

कैसे इतनी गलतफहमी हमको हुई। 


करो ये वादा और पक्का करो इरादा,

चाहे जो हो जीवन में नहीं आना तुम। 


हमसाया बनके है हमें रिश्ता निभाना,

कसमें-वादे प्यार सब अनदेखे ख़्वाब। 


हमनें इश्क़ एक तरफ़ा तुमसे किया था, 

ज़िन्दगी भर हमसे तुम अब दूर रहना।


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