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Akanksha Singh

Crime Inspirational

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Akanksha Singh

Crime Inspirational

एक सपना अधूरा है

एक सपना अधूरा है

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एक सपना अधूरा है, इसलिए जिये जाती हूं, 

सबके नजरो के तीर, सिने पे लिए जाती हूं।


जीने की तमन्ना खास न रही 

एक मजबूरी है इसलिए पिये जाती हूं।


जो सपना अधूरा है, आँखों में सजाए बैठी हूं, 

जमाने भर के ताने ,मन में छिपाए बैठी हूं।


इरादे भी इतने बुलंद थे कि कदमों में,

भी पर्वत छुकाए बैठी हूं।


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