एक शिक्षक
एक शिक्षक
एक शिक्षक अपने ज्ञान से
पूरे समाज एवं
देश को रोशन करता है
शिक्षक अपने ज्ञान से
मन एवं मस्तिष्क में
शिक्षा का संचार करता है
एक शिक्षक पाठ पढ़ाने से पहले
स्वयं पढ़ता है
एवं ज्ञान को गढ़ता है
एवं शिक्षा को भी
शिक्षित करता है
शिक्षक अपने सदाचरण से
हर पल आगे बढ़ता है
शिक्षक का हर एक क़दम
शिक्षा की ओर बढ़ता है
एक शिक्षक अपने ज्ञान से
पूरे समाज एवं
देश को शिक्षित करता है
शिक्षक समाज का
दर्पण होता है
शिक्षक स्वयं समर्पण होता है
स्वयं ताउम्र शिक्षक रहकर भी
वह शिक्षक ही है
जो हर क्षेत्र में अपनी
अमिट छाप छोड़ देता है
ज्ञान के प्रकाश से शिक्षक
मन में शिक्षा का बीज बोता है
शिक्षक अपने विषय में
पारंगत होता है
समाज में फैली कुरीतियों
एवं पाखंड को
एक शिक्षक है जो स्वयं चेतना से
दूर करता है
शिक्षक एक अनुभूति है
शिक्षक समाज की धुरी है
शिक्षक ना हो तो
विद्यार्थी की ज़िन्दगी अधूरी है
शिक्षा हर विद्यार्थी का कर्म है
बिना शिक्षक के विद्या भी अधूरी है
ज्ञान एक अनवरत सीखने की
प्रक्रिया है तो
शिक्षक उसी ज्ञान का एक स्रोत है।
