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Vaishnavi Pathak

Abstract

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Vaishnavi Pathak

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एक रात

एक रात

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रात गई बात गई वो कहते रहे

बहुत कुछ हुआ उन चंद घंटों में

हम बस उसे सहते रहे।


यहां एक रात में सब कुछ बदल जाता है

कुछ मिल जाता है तो कुछ खो जाता है।


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