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Ayesha Sana PNP

Tragedy

4  

Ayesha Sana PNP

Tragedy

एक जान की कीमत

एक जान की कीमत

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एक जान जाने के बाद ही क्यों 

जान की एहमियत समझ आती है?

समझ आते आते भी उसमें ही क्यों

गलती निकाली जाती है?

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारा नहीं

अब चेतावनी लगती है,

बेटे संभालो उन्हें समझाओ

कहने में क्यों शर्मिंदगी लगती है?

जान जाने के बाद न्याय मांगते हो,

गई हुई जानो को क्यों अनदेखा करते हो?

ये तो होता आया है,आगे भी होगा,

आज पराया था,

कल कोई अपना होगा।

बदलेगा कुछ नहीं,

जब तक हर इंसान खुद न बदले,

सुधरेगा कुछ नहीं नहीं,

जब तक ये हालात ना सुधरे,

कहां तो लंका जलाई थी,

अब एक मोमबत्ती लिए बैठे हैं,

कौन उठाए आवाज़ जब 

रावण ही सत्ता लिए बैठे हैं?


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