वक़्त
वक़्त
वक्त बीतता चला जाता है,
पल कब यादों में बदल जाते हैं
ये बताना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।
जो कल साथ थे,
आज दूर हैं,
जो कल दूर थे,
वो आज केवल एक नूर हैं।
वक्त बीतता चला जाता है,
इंसान सब कुछ भुलाता चला जाता है,
यादें बुरी हो या अच्छी सबसे सबके नाते हैं।
ज़िंदगी का बिताया हुआ हर पल तो याद नहीं रहता,
बस कुछ पल ही हैं जो याद बन जाते हैं।
हर शख़्स ख़ास नहीं होता,
बस कुछ ख़ास लोग याद रह जाते हैं।
वक्त बीतता चला जाता है,
कुछ मंज़िले हासिल होती हैं तो कुछ बाक़ी रह जाता है।
मंज़िल कदमों में आए या ना आए,
हर रास्ता कुछ नया सिखा जाता है,
राह चलते कुछ हासिल हो या ना हो,
हर मोड़ कुछ अनोखी याद बना जाता है।
वक्त बीतता चला जाता है,
इंसान की फ़ितरत बदलती जाती है,
जो ठहरा रहता है,
वो इतिहास बनता जाता है।
