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Phool Singh

Tragedy

4  

Phool Singh

Tragedy

एक अदृश्य संकट

एक अदृश्य संकट

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मंजूरी मिली 5जी को

नए संकट का है, ये आगाज

कोरोना ने अभी तक हार मानी

उसका, सहयोगी हो रहा एक तैयार।।


प्रभावी इसकी इतनी तरेंगे

बीमारियाँ लाएगी लाख-हज़ार

प्रजातियों कितनी लुप्त हो जाएँगी

इसका नहीं है तुमको ख्याल।।


बुला रहे काल में जग में

बिन बादल, बिन बरसात

रोके से भी रोक न पाओगे

ऐसा मचेगा हाहाकार।।


रोक, माँग कर रहा यूएन भी अब

खोज, अन्वेन्शन हर उसकी जाँच

पूरी तरह से त्रस्त है हम सब

अभी बुलाओं न कोई नया संकट पास।।


कब रुका जो अब रुकेगा

विकास तो चलता अपनी रफ्तार

खोज-निर्माण को त्याग दो कुछ दिन

कर लो थोड़ा ओर इंतज़ार।।


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