STORYMIRROR

karan ahirwar

Abstract Drama

2  

karan ahirwar

Abstract Drama

ए क़ातिल

ए क़ातिल

1 min
121

मेरी ताकतें नहीं इतनी काबिल

कि हो सके तुझ में शामिल


तुझसे मिल ना पाना मेरी खुशनसीबी

हमारे बीच में हैं तेरे राज़ ए क़ातिल


आना, जाना और फिर चले आना कारण

इतना आसान नहीं फांसी से दूर जाना ए क़ातिल


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract