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Bhawna Panwar

Abstract

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Bhawna Panwar

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ए जिंदगी

ए जिंदगी

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ए ज़िन्दगी

कुछ तक रहम कर मुझ पर।

सारी दुख की पोटली से 

झर झर न कर मुझे,


मुस्कान छुपी दर्द की हया से

मेल मिलाप न करवा मुझे,

हर जगह न ढुकरा मुझे,

आँसुओ से मत भर मुझे,

ए ज़िन्दगी

कुछ तक रहम कर मुझ पर।।


हार से अपनापन मत करवा मुझसे,

मेरी राह को तू दूर न भेज मुझसे,

मेरी साँसों को मत भटका मुझसे,

सच को झूठ से न छुपा मुझसे,

मेरे साहस को भय न बना मुझसे।


ए ज़िन्दगी कुछ तो रहम कर मुझ पर

ए ज़िन्दगी कुछ तो रहम कर मुझ पर।


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