ए जिंदगी
ए जिंदगी
ए ज़िन्दगी
कुछ तक रहम कर मुझ पर।
सारी दुख की पोटली से
झर झर न कर मुझे,
मुस्कान छुपी दर्द की हया से
मेल मिलाप न करवा मुझे,
हर जगह न ढुकरा मुझे,
आँसुओ से मत भर मुझे,
ए ज़िन्दगी
कुछ तक रहम कर मुझ पर।।
हार से अपनापन मत करवा मुझसे,
मेरी राह को तू दूर न भेज मुझसे,
मेरी साँसों को मत भटका मुझसे,
सच को झूठ से न छुपा मुझसे,
मेरे साहस को भय न बना मुझसे।
ए ज़िन्दगी कुछ तो रहम कर मुझ पर
ए ज़िन्दगी कुछ तो रहम कर मुझ पर।
