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VIVEK ROUSHAN

Abstract


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VIVEK ROUSHAN

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दवा दे मुझको

दवा दे मुझको

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मैं जैसा था वैसा बना दे मुझको

आसमाँ से जमीं पे ला दे मुझको


तेरे दिए जख्म भरने को आए हैं

कोई नया जख्म दिला दे मुझको


मेरे साए ने भी साथ छोड़ दिया मेरा

अपने साए में कहीं छुपा ले मुझको


अब कोई दुआ असर नहीं करती

दुआ रंग लाए ऐसी दुआ दे मुझको


मैं बीमार हुँ भी और नहीं भी हुँ

दुआ न देता न दे दवा दे मुझको।


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