STORYMIRROR

Geetanjali Yadav

Romance

3  

Geetanjali Yadav

Romance

दूरी

दूरी

1 min
14.1K


दर्द में सना एक पैगाम आया,

खामोशियों को ओढ़े हुए एक सैलाब आया

तेरी यादों की हवा और  बातों की लहर

ख़ुशी की आहट भी है एक गुजरा हुआ पहर

इन अश्कों में है डूबी तेरी खुशियों की चाहत

मेरी जिन्दगी में है ना, सुकून और ना राहत

बिखरा मेरा आशियाँ मैं हूँ जाने कहाँ

कैसे पुकारूँ तुम्हें इस खोखली दुनिया में कहाँ

अपनी साँसों को भी तेरी मुस्कान के नाम किया

अब तो मुस्कराने से भी न जाने क्यों डर सा लगता है मुझे

मेरा खो जाना तुझमें, मजाक जो लगता है तुझे 

तुझे लगता है बेगैरत है मेरा ये दूर चले जाना

किसके लिए होगा आसान अपनी साँसों को भुला पाना

मेरी इस दास्ताँ को तुम आज भी समझ ना पाए

मिट जाएगी तुम्हारी तकलीफ़, किसी एक को चुन लेने की मज़बूरी

कैसे बदलोगे तुम, तुम मेरे मिट जाने की मंजिल को,

जब कम  ही ना होगी ये दूरी...जब कम ही ना होगी ये दूरी!!

 

 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Geetanjali Yadav

दूरी

दूरी

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Romance