Jai Kumaar
Romance Fantasy
एक अनुपस्थिति
ऐसी हो
जिसमें तेरी मुझे
कमी ना खले..!
ऐसी जगह
तुम मिलना मुझसे
जहां धरती,
धरती से ना मिले..!
अधरों पर हो
हल्की सी हँसी
दुनिया उस मिलन से
जले तो जले।
ख़ुद को भूल ज...
दुनिया जले तो...
प्रेम
नज़दीक-दर-नज़दीक, हम आ रहे हैं मगर फ़ासले जाने क्यों, बढ़ते जा रहे हैं… नज़दीक-दर-नज़दीक, हम आ रहे हैं मगर फ़ासले जाने क्यों, बढ़ते जा रहे हैं…
शिकवा सुने सगीर कौन दिल फिगार के। शिकवा सुने सगीर कौन दिल फिगार के।
हम आधी रात तक बैठे हैं इंतजार किए। की मेरा चांद सरेशाम बाम पर निकले। हम आधी रात तक बैठे हैं इंतजार किए। की मेरा चांद सरेशाम बाम पर निकले।
द्वार खड़ी ईशत् अवगुंठित पिय मिलन की आस लिये। द्वार खड़ी ईशत् अवगुंठित पिय मिलन की आस लिये।
अब तो वो रास्ता भी हमें पहचानता है उसे भी पता है वो मेरे प्यार की निशानी है. अब तो वो रास्ता भी हमें पहचानता है उसे भी पता है वो मेरे प्यार की निशानी है.
तुम्हारी यादें तुम्हारी यादें
वो अनकहे वादे भूली बिसरी यादें चुरा लेना चाहती हूं वो अनकहे वादे भूली बिसरी यादें चुरा लेना चाहती हूं
वो आज भी मोहब्बत करती है " लक्ष्य" आज भी उस पे मरते हैं। वो आज भी मोहब्बत करती है " लक्ष्य" आज भी उस पे मरते हैं।
हमें याद है वो पहली मुलाक़ात जब दिल की हुई थी कुछ बात। हमें याद है वो पहली मुलाक़ात जब दिल की हुई थी कुछ बात।
हम तो ख्वाबों में ताज सजाते हैं जब भी फुर्सत मिले हम तो लिखते हैं ॥ हम तो ख्वाबों में ताज सजाते हैं जब भी फुर्सत मिले हम तो लिखते हैं ॥
घनी रातों में आता खूबसूरत ख्वाब हो आप। घनी रातों में आता खूबसूरत ख्वाब हो आप।
तन्हा हैं रातें ,करते हैं प्यार की ही बातें प्यार के वो हसीन लम्हे और मुलाकातें। तन्हा हैं रातें ,करते हैं प्यार की ही बातें प्यार के वो हसीन लम्हे और मुलाकात...
जोश में होश गँवाने से भला क्या हासिल । रोब मुर्दों पे जमाने से भला क्या हासिल। जोश में होश गँवाने से भला क्या हासिल । रोब मुर्दों पे जमाने से भला क्या हासि...
जीत मेरी बन जाए मात हमदम मेरे देना तुम साथ जीत मेरी बन जाए मात हमदम मेरे देना तुम साथ
आसान नही है, यूँ लफ्जों मे मोहब्बत लिखना। आसान नही है, यूँ लफ्जों मे मोहब्बत लिखना।
करती कुछ जादू तेरे दिल पर, तुझें अपना बना कर तेरे साथ रहते ? करती कुछ जादू तेरे दिल पर, तुझें अपना बना कर तेरे साथ रहते ?
हम तेरी इजाज़त के मोहताज बन गए , उसके इशारों से लाचार बन गए. हम तेरी इजाज़त के मोहताज बन गए , उसके इशारों से लाचार बन गए.
हर रोज़ गुनगुना चाहती हूँ तुम्हें गाते गाते मुस्कुराना चाहती हूँ। हर रोज़ गुनगुना चाहती हूँ तुम्हें गाते गाते मुस्कुराना चाहती हूँ।
तीव्र गति से जाना, होता तो यह प्रेम करने की सौंदर्यता को बढ़ा सकती है। तीव्र गति से जाना, होता तो यह प्रेम करने की सौंदर्यता को बढ़ा सकती है।
तब कहीं जाके मुहब्बत की नज़र डाली है। तब कहीं जाके मुहब्बत की नज़र डाली है।