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Jai Kumaar

Romance

3  

Jai Kumaar

Romance

प्रेम

प्रेम

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लिखा हुआ 

या लिखकर 

किया हुआ

प्रेम नहीं..

प्रेम है

हवा मैं उसे 

मेहसूस करना

संगीत में

उसकी धुन सुनना

जाड़े में

उसे स्पर्श करना

बारिशों में

उस में भीगना

हाँ तूने जो किया

वो प्रेम से ऊपर है

वो है इबादत

और तेरी इबादत को

किसी की नज़र ना लगे।


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