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JAI GARG

Abstract

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JAI GARG

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दोस्ती

दोस्ती

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बेचारे करते कया न करते भाग कर इन्तज़ार कर रहे हैं

दोस्त वो, मालिकों को तो शक्ल देखना भी पसंद नहीं

ज़रूर लड़ रहे होगे कहीं एक दूजे पर लांछन रख कर

चलो इस बहाने ही सही साथ तो ढूँढेंगे मिल कर हमें !


पर याद रखना हम दोनों ने वादा किया हे पक्का;

पकड़े जाने से पहले उन्हे दौड़ाएँगे दूर तक इकट्ठा!


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