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Dr Reshma Bansode

Abstract

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Dr Reshma Bansode

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दोस्त

दोस्त

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दिल दोस्ती और दुनियादारी....

जाने अनजाने रोज कितने दोस्त बने,

कुछ सिर्फ हाय हेलो दोस्त रहे,

तो कोई शेयरिंग वाले दोस्त,


शेयरिंग वाले दोस्त भी कई तरह के बने...

जाने अनजाने में कितने दोस्त बने...

कोई ऑफिस में बैकअप वाले दोस्त,

कोई ट्रेन में सीट पकड़ने वाले दोस्त,


जाने अनजाने में कितने दोस्त बने...

बचपन में लास्ट बेंच पर शरारतवाले दोस्त,

कोई नोट्स दे कर पढ़ाई करवाने वाले दोस्त

जाने अनजाने में कितने दोस्त बने...


कोई सुख दुख में साथ देने वाले दोस्त,

कोई दूर रहकर भी पास रहनेवाले दोस्त...

जाने अनजाने में कितने दोस्त बने...

जिंदगी के हर पड़ाव में अलग अलग मिले दोस्त,


कुछ ऐसे भी थे हर बार निभानेवाले दोस्त,

जाने अनजाने में कितने दोस्त बने...


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