STORYMIRROR

Divya Pal

Inspirational

4  

Divya Pal

Inspirational

दिल जिसे चाहता है

दिल जिसे चाहता है

1 min
15

दिल जिसे चाहता है 

वो सुरमई शाम मिल जाए 

भटकते हुए मन को 

थोड़ा आराम मिल जाए 


तमाम कोशिशों के बाद भी 

कुछ छूट जाता है,,

मंजिल तक पहुंचने का 

कोई तो राह नजर आए 


हर सुबह उम्मीद की नाव लेकर 

चल पड़ते है हम एक किनारे से 

शायद आज वो दिन हो जब 

हमे अपना मकाम मिल जाए 


शाम तक फिर से खाली हाथ होते है 

मन एक बार फिर से शुरूआत करता है 

एक बार फिर से कोशिश करें 

शायद ये कोशिश कामयाब हो जाए 


आता नहीं है रुकना ,यू मन हारकर 

आखिर जीवन भी तो एक बार मिला है 

फिर क्यू इसे आसुओं में बेकार करे 

चलो एक बार फिर से शुरूआत की जाए 


दिल जिसे चाहता है 

उस मंजिल तक पहुंचने के लिए 

कोशिश लगातार की जाए 

हां! चलो उठो कोशिश फिर से एक बार की जाए।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational