अजनबी
अजनबी
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कभी कभी कुछ अपने
इतने जख्म दे जाते है
कि फिर मन ही रिश्तों से
बचने सा लग जाता है.....
कभी कभी ये अकेलापन
ही हमें हर रिश्तों से प्यारा
लगने लग जाता है ......
कभी कभी इन राहों पे
कोई अजनबी मिल जाता है
चुपके से आके दिल में
वो अपनी जगह बनाता है .....
जिंदगी जीने के सही
मायने सिखलाता है
वो अजनबी होकर भी
अपनो सा रिश्ता निभाता है.....
