STORYMIRROR

Sumit. Malhotra

Abstract Action Classics

4  

Sumit. Malhotra

Abstract Action Classics

दीयों की चमक

दीयों की चमक

1 min
309

ये जलते हुए दीयों की चमक मुबारक़ हो, 

ये दीयों की चमक सा जीवन मुबारक़ हो। 


धनतेरस, नरक चतुर्दशी व दीवाली की, 

गोवर्धन पूजा, भाई दूज भी मुबारक़ हो।


प्रकाश और प्रसन्नता का पर्व दीवाली है, 

प्रभु श्रीराम की कृपा आप सभी पर हो। 


आठों सिद्धियाँ नौ निधियाँ सब प्राप्त हो, 

सुख, समृद्धि आरोग्य, यश कीर्ति प्राप्त हो। 


ख़ुशियों की जीवन में सदा बहुत प्राप्ति हो, 

धन-वैभव भी ऐश्वर्य माँ लक्ष्मी से प्राप्त हो। 


दीपकों से रोशन चिराग़ों से घर आंगन हो, 

मिठाईयाँ खाकर पटाखे फोड़ आनंद हो।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract