दीवार
दीवार
कहा जाता है कि
कान होते हैं दीवारों के
और बोलती भी हैं दीवारें
तो क्यों ना गिरा दे दीवारों को
जो करती हैं बंटवारा मेरा-तुम्हारा
क्योंकि चांद तेरा भी है और मेरा भी
सूरज की किरण भी नहीं करती भेद
जल, जंगल और जमीन भी एक ही है
दुआ तुम मांगो और प्रार्थना हम करें
काश! मिट जाए दीवारों का अस्तित्व
जो ना होते हुए भी करती हैं बंटवारा।
