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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Inspirational Thriller

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Inspirational Thriller

दीवार

दीवार

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दिलों के बीच न कोई खड़ी रहे दीवार,
मोहब्बत के सफ़र में न हो कोई दीवार।

नफ़रतों की हवा रिश्तों को तोड़ देती है,
बचा के रखना दिल में प्यार की दीवार।

जो बाँटती है हमें, उसको आज गिरा दें,
वतन के बीच न उठने पाए ऐसी दीवार।

गरीब की भी सुनो, उसके दर्द को समझो,
न हो समाज में ऊँच-नीच की कोई दीवार।

जो प्रेम बाँट सके, वही इंसानियत है यहाँ,
मिटा दे दिल से हमेशा के वास्ते ये दीवार।

“मुरली” करता हूंँ दिलों को जीतने की बात,
जहाँ प्यार मिले, वहाँ कभी न बनाना दीवार।

 रचना:-धनजीभाई गढीया"मुरली" (ज़ुनागढ-गुजरात)


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