STORYMIRROR

Monika Baheti

Fantasy Inspirational

3  

Monika Baheti

Fantasy Inspirational

दीवाली

दीवाली

1 min
191


चारों और खुशहाली है,

हर घर हरियाली है,

क्योंकि चारों और दीवाली है,

रोशन है सारा जहां,

दीयों की लगी है लड़ियाँ,

हर घर जग-मगा रहा,

बनी है मिठाइयाँ भी, 

बने है 56 भोग भी,

पटाकों की लड़ियाँ मत लगाना,

ना मचाना शोर भी,

पटाकों को मत जलाना,

ना प्रदूषण फैलाना,

रंग रंगीले रंगों से रंगोली बनाना,

दीप जला कर चारों और घर को रोशन करना,

खुशी खुशी दीवाली मनाना,

भेद-भाव को दूर भगाकर,

सब को प्यार से गले लगाना,

मिलकर सब दीवाली मनाना


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Fantasy