STORYMIRROR

sukhwinder Singh

Inspirational

4  

sukhwinder Singh

Inspirational

धरती के अनमोल रत्न

धरती के अनमोल रत्न

1 min
1

गहराई की गोद में सोए, युगों-युगों का धीरज है, कहीं कोयला काला सा, कहीं सोने का सूरज है। मिट्टी के आँचल में छुपकर, रूप हज़ारों धरते हैं, ये पत्थर नहीं, ये खनिज हैं, जो दुनिया रोशन करते हैं। ​लोहे की ताकत से खड़ी, ये ऊँची-ऊँची मीनारें, तांबे की उन तारों में, दौड़ती बिजली की धारें। चमक हीरों की आँखों में, एक नया ख्वाब बुनती है, धरती की हर एक परत, अपनी कहानी चुनती है। ​दबे हुए हैं सीने में, ये अनमोल खजाने, इंसान की मेहनत के, ये आदि और पुराने। ये संपदा है कुदरत की, इसे संभाल कर रखना, मिट्टी से ही जन्म लिया, मिट्टी में ही है मिलना।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational