"धागा बांधा प्रेम का "।
"धागा बांधा प्रेम का "।
धागा बांधा प्रेम का, मस्तक तिलक लगाय।
खुश रहें भैया मेरा, सबको खूब सुहाय।
सबको खूब सुहाय, डोर रक्षा की बांधती।
भीर पड़ी निभावे, साथ मुश्किल में चाहती।
दुआ बहन की मिले, रहे न कोई अभागा।
रक्षाबंधन पर्व है, स्नेह सुरक्षा का धागा।
