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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

देशप्रेमी

देशप्रेमी

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देशप्रेमी, देश को आबाद करते है

देशप्रेमी, देश पे जान निसार करते है


वो क्या समझेंगे देशप्रेमियों को,

जो ख़ुद के लिये जिया करते है


देशप्रेमी, देश के लिये जीते है

देशप्रेमी, देश के लिये मरते है


देशप्रेमी,देश को आबाद करते है

देशप्रेमी,देश पे जान निसार करते है


वो हृदय तो यारों पत्थर है

जिसके सीने में नफ़रतें है


वो ही लोग देशप्रेमी बनते है

जिनको ख़ुदा चुना करते है


नसीबवाले ही देशप्रेमी बनते है

वो ही पत्थरों में हीरा बनते है


इंकलाब जिंदाबाद कहने वाले,

भगतसिंह जैसे देशप्रेमी बनते है



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