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Vinay Panda

Abstract

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Vinay Panda

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देशभक्ति

देशभक्ति

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भारत की भक्ति ही

देश की शक्ति है

कोई भूल से भी उलझा

समझो उसकी मुक्ति है।


देश प्रेम और जज़्बा

हर जन में कूट-कूट कर भरी है

तूफ़ान से लड़ जाते वीर जवान

ऐसी भारत की शक्ति है।


हम छेड़ते नहीं किसी को

मगर कोई आँख दिखाये हमें

कदापि हम उसे अब छोड़ते नहीं हैं।


भारत देवताओं का देश है

भक्ति घर-घर झलकती है

जहाँ हर माथ पर तिलक लगता

हर दिल में प्रेम छलकता है।


देश मेरा फूल हम सब महक जिनके हैं

फैली है खुशबू जो पूरे विश्व में

सप्रेम सेवा देकर अपनी

लोग भक्ति निभा रहे हैं !


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