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Kiran Bala

Action

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Kiran Bala

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देश का जवान

देश का जवान

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चैन से सो पाए आवाम यहाँ 

लिये आँखों में वो नींद वहाँ 


अटल,अडिग,अजय, अपराजित 

बन प्रहरी देश का जवान खड़ा 


हो हाड़ चीरती सर्द हवा

या तपते रेगिस्तान सी लू जहाँ 


असम का हो जंगल घना 

या कच्छ का हो दलदल वहाँ 


लिये सुरक्षा कल्याण का भाव सदा

अनुशासित, निर्भीक वो जवान खड़ा 


लादे कंधे पर बिस्तर हथियार सदा

लिये सुरक्षा का वो भार चला


हो भले सुविधाओं का अभाव वहाँ 

कर्त्तव्य- पथ पर वो सदैव चला


करने छलनी रिपु देश का सीना

बेखौफ बुलंद बेबाक जवान खड़ा


जो महीनों सालों घर से दूर रहा

दर्द दिल में बस बिछोह का सहा 


कि वो लौट के आया न आ पाया

पर गर्वित, तिरंगे का मान बढ़ाया


मस्तक पे शिकन का न भाव मिला

कर न्योछावर सब, सहर्ष जवान चला


हो आपदा या कोई संकट बड़ा 

राहत कार्यो में संग साथ चला


हे वीर धन्य तुमसे ये सदैव धरा 

है तुम्हें कोटि-कोटि नमन सदा।


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