Ashka Surve
Drama
डिब्बा गिरा
बीच वाली बेंच से,
तालियां बजी
पीछे वाली बेंच से।
डिब्बा
याद
रास्ता
मैल
कहानी
मैं, माँ के समान सोच-समझ नहीं सकती, पर इतना तो समझ आता है कि, ये आसान नहीं है। ये आसान नहीं है !... मैं, माँ के समान सोच-समझ नहीं सकती, पर इतना तो समझ आता है कि, ये आसान नहीं है...
यह कविता एक ऐसी रानी की है जो कभी देवदासी हुआ करती थी। किस तरह रानी बनने के बाद एक 'रानी' की मर्यादा... यह कविता एक ऐसी रानी की है जो कभी देवदासी हुआ करती थी। किस तरह रानी बनने के बाद ...
हमारे आज़ाद देश मे कोख की आजादी होनी चाहिए, जहाँ एक माँ अपने बच्चे को बिना डर के इस दुनि हमारे आज़ाद देश मे कोख की आजादी होनी चाहिए, जहाँ एक माँ अपने बच्चे को बिना डर के ...
ये बोर्डर पर दुश्मन के छक्के छुड़ा देते या किसी अदनी सी फैक्ट्री में काम करके देश की जीडीपी बढ़ा देत... ये बोर्डर पर दुश्मन के छक्के छुड़ा देते या किसी अदनी सी फैक्ट्री में काम करके द...
कुछ शब्द उधार दे दो मुझे कुछ शब्द उधार दे दो मुझे
उसके साथ शाम को जहां बैठ कर मैं अपना दिल रखता था उन सभी किनारों के बारे में उसके साथ शाम को जहां बैठ कर मैं अपना दिल रखता था उन सभी किनारों के बारे में
समसंबुद्धों के नाम से तुम अमर रहोगे पर यशोधरा सा दुख कभी ना सहोगे। समसंबुद्धों के नाम से तुम अमर रहोगे पर यशोधरा सा दुख कभी ना सहोगे।
वह बंद लिफाफों की, हवाएँ लुप्त नहीं हुई है, बस महसूस करने में, आजकल थोड़ा वक्त ज़्यादा लगता है ! वह बंद लिफाफों की, हवाएँ लुप्त नहीं हुई है, बस महसूस करने में, आजकल थोड़ा वक...
यूँ तो हमारे चारों तरफ़ बहुत सारे अंधविश्वास फैले हुये हैं , लेकिन अगर इन सबमें सबसे प्रचलित अंधविश्... यूँ तो हमारे चारों तरफ़ बहुत सारे अंधविश्वास फैले हुये हैं , लेकिन अगर इन सबमें ...
पहले क्यूँ ना चेता था, तब तो औरों का कफन, उसके लिए नीरा कपड़ा था, अब अश्रु की हर धारा से, उसके हृदय म... पहले क्यूँ ना चेता था, तब तो औरों का कफन, उसके लिए नीरा कपड़ा था, अब अश्रु की हर ...
एकान्त मिला क्या उसको ही, जो इस जंगल में रहती है। या एकांत मिला उस हर माँ को, जो बंद कमरे में रहत... एकान्त मिला क्या उसको ही, जो इस जंगल में रहती है। या एकांत मिला उस हर माँ को, ...
पल दो पल की खुशियाँ दे कर एक दिन अंधेरा आया... दो हाथ फैलाकर साया माँगा... बन्दे को अपनी और बु... पल दो पल की खुशियाँ दे कर एक दिन अंधेरा आया... दो हाथ फैलाकर साया माँगा... ...
माँ के आंचल में लिपटे, चला घर लल्ला, आँखें अब भी खुली थीं...! माँ के आंचल में लिपटे, चला घर लल्ला, आँखें अब भी खुली थीं...!
मैंने कहा कि छूटा कुछ नहीं बस सपना टूट गया है। मैंने कहा कि छूटा कुछ नहीं बस सपना टूट गया है।
किसी ने नापा नहीं कभी, शायर भी नहीं दिल कितना संभाल पाता है, प्रेम जीवन की सबसे बड़ी किसी ने नापा नहीं कभी, शायर भी नहीं दिल कितना संभाल पाता है, प्रेम जीवन की स...
बड़ा सोचो, बड़ा सपना देखो, बड़ा विश्वास करो, और परिणाम बड़ा होगा। बड़ा सोचो, बड़ा सपना देखो, बड़ा विश्वास करो, और परिणाम बड़ा होगा।
ये कविता एक एहसास है दिल टूट जाने का साथी छूट जाने का। कभी-कभी ऐसा भी होता है दिल टूट जाता है मन बहु... ये कविता एक एहसास है दिल टूट जाने का साथी छूट जाने का। कभी-कभी ऐसा भी होता है दि...
पीली आज़ादी...। पीली आज़ादी...।
क्या हकीकत है क्या ख्वाब है ? इसी को समझने में उम्र बीत जाती है। क्या हकीकत है क्या ख्वाब है ? इसी को समझने में उम्र बीत जाती है।
स्कूल का समय खत्म हो जाता है लेकिन यादें हमेशा के लिए रहती हैं, स्कूल का समय खत्म हो जाता है लेकिन यादें हमेशा के लिए रहती हैं,