Chetan Chakrbrti
Drama
कोई कहता है ये करो कोई कहता वो करो,
सफलता किसमे है पूछो तो सब पीछे हट जाते हैं।
मुझको मेरी ही जगह पर सब सही गलत ठहराते हैं,
मैं सबकी सुनता हूँ करता मन की हूँ, पता नहीं कब सफलता मिलेगी ?
मेरें शब्द
दिल की बात
आज़ादी
कुछ मुक्तक
मेरा इल्म
प्रकृति
कल्पना होली
बेमतलब
वजह
अच्छा या बुरा
रिश्ता ये बड़ा अनोखा बचपन का त्योहार अनुठा रक्षाबंधन का। रिश्ता ये बड़ा अनोखा बचपन का त्योहार अनुठा रक्षाबंधन का।
फिर बिछड़ जाने का सोच कर आंसूओं से तर आँखें भीगती रही। फिर बिछड़ जाने का सोच कर आंसूओं से तर आँखें भीगती रही।
आईना जो निहारा, तुम याद आ गये, आईना जो निहारा, तुम याद आ गये,
मुक्ति दिलाई उन्होंने अंग्रेजों से हम मुक्त होकर दिखाए दुर्गुणों से। मुक्ति दिलाई उन्होंने अंग्रेजों से हम मुक्त होकर दिखाए दुर्गुणों से।
झपटकर पड़ती है दाँत गढ़ाती अपने अहम के और निशान छोड़ जाती है अमानवीयता के। झपटकर पड़ती है दाँत गढ़ाती अपने अहम के और निशान छोड़ जाती है अमानवीयता...
सभी के मुँह पे बस एक ही बात की सुनवाई, हमे घर कैद की सजा न जाने किसने है सुनाई। सभी के मुँह पे बस एक ही बात की सुनवाई, हमे घर कैद की सजा न जाने किसने है सुनाई।
जगत में होते कुकृत्य को देखती मानवता आँखें मीचे। जगत में होते कुकृत्य को देखती मानवता आँखें मीचे।
अब तक समझ ना पाया कोई, इससे क्या रिश्ता हमारा है ? अब तक समझ ना पाया कोई, इससे क्या रिश्ता हमारा है ?
पन्द्रह अगस्त क्या है बताओ हाथ दिल पै रख हुजूर एक झूठी जीत का अहसास ही तो है। पन्द्रह अगस्त क्या है बताओ हाथ दिल पै रख हुजूर एक झूठी जीत का अहसास ही तो है।
काला तिल है आज खुद से नाराज़ हूँ कि सोचती क्यों हूँ इतना मैं। काला तिल है आज खुद से नाराज़ हूँ कि सोचती क्यों हूँ इतना मैं।
छोटी सी प्यारी सी बहना बेबी डॉल मैं भाई उसकी खुशियों का संसार। छोटी सी प्यारी सी बहना बेबी डॉल मैं भाई उसकी खुशियों का संसार।
मैंने कानों में गिटक डाली और बस में बैठ गया एक अकेले सफर के लिए। मैंने कानों में गिटक डाली और बस में बैठ गया एक अकेले सफर के लिए।
बस निभाने निकल पड़ता था नासमझ बचपन अच्छा था। बस निभाने निकल पड़ता था नासमझ बचपन अच्छा था।
संसार के व्यापार से निर्लिप्तता संसार के व्यापार से निर्लिप्तता
बाट जोह रही मातृत्व का सुख पाने को तेरी देवकी मैया प्यारी। बाट जोह रही मातृत्व का सुख पाने को तेरी देवकी मैया प्यारी।
चाहे कितनी हो तकरार राखी का त्यौहार भाई बहन का प्यार। चाहे कितनी हो तकरार राखी का त्यौहार भाई बहन का प्यार।
जब एक भी आदमी नहीं मरेगा आदमी की संवेदनहीनता से ....! जब एक भी आदमी नहीं मरेगा आदमी की संवेदनहीनता से ....!
इसलिए मृत्यु का वरण कि उसका साथी काल के गाल समा गया है। इसलिए मृत्यु का वरण कि उसका साथी काल के गाल समा गया है।
अपनी मीठी वाणी से एक बार भ्राता मुझे कह दो। अपनी मीठी वाणी से एक बार भ्राता मुझे कह दो।
एक-दूसरे की रक्षा के लिए रक्षाबंधन में बाँध लेते। एक-दूसरे की रक्षा के लिए रक्षाबंधन में बाँध लेते।