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Surendra kumar singh

Abstract

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Surendra kumar singh

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चमत्कार

चमत्कार

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लोग चमत्कार की बात करते हैं

पर उसकी सरलता

और सहजता से

अनभिज्ञ ही रह जाते हैं।


कभी अपने अंदर की

इन्सानियत को महसूस कीजिये 

उसको अपने जीवन में

अपने विचार में शामिल कीजिये

उसी के अनुरूप चलिये


उसी की नजर से

सब कुछ देखिये।

ऐसा करते हुये

आप जिस चमत्कार से रूबरू होंगे 

आप आश्वस्त होंगें

कि जिस चमत्कार की

चर्चा से आप चमत्कृत हो जाते थे


वो तो कुछ भी नहीं है

उस चमत्कार के समक्ष

जो आपके अपनी इन्सानियत के साथ

दो पल गुजारने से

घटित हो गया था।


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